बालम, आवो हमारे गेह रे—भीतर बसे प्रियतम की खोज का कबीर निर्गुण भजन
भागती जिंदगी, रिश्तों की भीड़ और उपलब्धियों के बीच मन क्यों सूना रह जाता है? पढ़िए और सुनिए कबीर-भाव से प्रेरित लोक–सूफ़ी भजन “बालम, आवो हमारे गेह रे” की आत्मिक यात्रा।
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भागती जिंदगी, रिश्तों की भीड़ और उपलब्धियों के बीच मन क्यों सूना रह जाता है? पढ़िए और सुनिए कबीर-भाव से प्रेरित लोक–सूफ़ी भजन “बालम, आवो हमारे गेह रे” की आत्मिक यात्रा।
जब जीवन का धर्मयुद्ध मोबाइल स्क्रीन पर लड़ा जाने लगे और रिश्तों की पहचान लाइक-कमेंट से होने लगे, तब आधुनिक पार्थ को जगाने के लिए केशव भी नया डिजिटल ज्ञान देते हैं। पढ़िए सोशल मीडिया की आदतों पर तीखा और मनोरंजक व्यंग्य।
“फट जाएंगे” एक मनोरंजक लेकिन प्रभावशाली एंटी-स्मोकिंग रैप गीत है, जो हास्य, व्यंग्य और बॉलीवुड गिटार संगीत के माध्यम से युवाओं को सिगरेट एवं निकोटीन की लत से बचने का संदेश देता है। डॉ. मुकेश असीमित द्वारा लिखित यह गीत स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संस्थाओं और नो-टोबैको अभियानों के लिए एक उपयोगी जनजागरूकता प्रस्तुति है।
“तेरी बातें” प्रेम, अपनापन और किसी प्रिय व्यक्ति की आवाज़ से मिलने वाले सुकून को समर्पित एक मधुर हिंदी रोमांटिक गीत है। पढ़िए इसकी रचना-कथा, संगीत शैली और संपूर्ण गीत के बोल।
डॉक्टर्स डे विशेष गीत “हमें इंसान बने रहने दो” सफेद कोट के पीछे छिपे डॉक्टर के संघर्ष, संवेदना, त्याग और मानवीय भावनाओं को अभिव्यक्त करता है।
"चुप हैं जनता..." एक मौलिक हिंदी राजनीतिक व्यंग्य गीत है जो महँगाई, बेरोज़गारी, चुनावी वादों और आम आदमी की आवाज़ को लोकधुन, फोक-पॉप और प्रोटेस्ट रैप के माध्यम से प्रस्तुत करता है।
“उठ जा रे मन” एक आधुनिक Hindi pop-rock motivational song है, जो निराशा, असफलता और आत्म-संदेह से बाहर निकलकर दोबारा आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। पढ़ें पूरे गीत के बोल और देखें YouTube वीडियो।
“गुरु मेरे दीपक, गुरु दयाला” गुरु के ज्ञान, करुणा और कृपा को समर्पित मौलिक सूफी-भक्ति गीत है। पढ़िए गीत की रचना-यात्रा और सुनिए इसका संगीतमय वीडियो।
“पापा तुम्हारे बिना…” उन सभी पिताओं को समर्पित एक भावपूर्ण हिंदी गीत है, जिन्होंने स्वयं धूप में चलकर अपने बच्चों के जीवन में सपनों, संस्कारों और साहस की रोशनी भरी।
“तन माटी रो पुतला” डॉ. मुकेश असीमित की कबीर भजन श्रृंखला की चौथी रचना है। यह निर्गुण भजन देह-अभिमान, माया, धन और जीवन की क्षणभंगुरता पर कबीर-वाणी जैसे सहज लोक-सत्य को सूफ़ियाना-फोक संगीत शैली में प्रस्तुत करता है।